CVV क्या है – जानें कैसे रखता है CVV आपके डेबिट/क्रेडिट कार्ड को सुरक्षित!

CVV क्या है: जब भी हम ऑनलाइन Shopping या Recharge या कोई भी ऑनलाइन भुगतान अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड से करते हैं तो हमें CVV का नाम जरुर देखने को मिलता है।

हमारे डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर अंकित कई महत्वपूर्ण चीज़ों में CVV भी शामिल है। CVV के अलावा कार्ड पर कई चीज़े अंकित होती हैं जैसे – 

  1. कार्ड नंबर (Card Number)
  2. वैधता समाप्ति दिनांक (Expiry Date)
  3. कार्ड धारक का नाम (Cardholder Name)
  4. स्मार्ट चिप (Smart Chip)
  5. चुम्बकीय पट्टी (Magnetic Strip)
CVV Kya Hai
CVV Kya Hai

CVV क्या है (What Is CVV In Hindi)

CVV Full Form In Hindi

C ➝ Card – कार्ड

V ➝ Verification – सत्यापन

V ➝ Value – मूल्य

इस तरह CVV/CVV2 की फुल फॉर्म है – Card Verification Value या कार्ड सत्यापन मूल्य

CVV अर्थात कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड के पीछे की तरफ अंकित 3 या 4 अंको का सिक्यूरिटी कोड होता है। ये कार्ड का एक अभिन्न हिस्सा होने के साथ–साथ आपके Online Transcation करते समय एक सिक्यूरिटी चेक होता है।

यह CVV कोड कार्ड धारक के बारे में सही जानकारी प्रदान करता है कि जिसने Transcation किया है वह उस कार्ड का असली धारक/मालिक ही कर रहा है और वह इसका सही उपयोग कर रहा है।

CVV कोड ऑनलाइन Transcation या Payment करते वक़्त पूछा जाता है और अगर हम ये दर्ज नहीं करते हैं तो हमारा ट्रांजेक्शन या पेमेंट अधूरा रह जाता है व हम ट्रांजेक्शन पूर्ण नहीं कर पाते हैं।

CVV का इतिहास 

CVV या CVC का आविष्कार UK में 1995 ई. में Equifax कर्मचारी Michael Stone (माइकल स्टोन) द्वारा किया गया था।

Littlewoods Home Shopping Group (लिटिलवुड्स होम शॉपिंग समूह) व NatWest Bank द्वारा इसका परीक्षण करने के बाद UK Association For Payment Clearing Services (APACS) द्वारा इसे अपना लिया गया था।

  • MasterCard ने 1997 में CVC2 (Card Validation Code 2) नंबर जारी करना शुरू किया था। 
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में Visa ने 2001 तक इन्हें जारी कर दिया था। 
  • American Express ने CSC का उपयोग 1999 में शुरू कर दिया था।

2016 में, Motioncode नामक एक नई ई-कॉमर्स तकनीक पेश की गई थी, जो CVV कोड को Automatic रूप से एक घंटे में नए सिरे से ताज़ा करने के लिए डिज़ाइन की गई थी।

हालाँकि यह कोड शुरुआत में 11 अंकों के बनाये गये थे लेकिन बाद में इन्हें 3 या 4 अंको का कर दिया गया। 

CVV कोड कहाँ होता है ?

CVV Kya Hai

CVV कोड ज्यादातर कार्ड में पीछे की तरफ 3 अंकों का होता है। लेकिन कई बार ये सामने की तरफ और 4 अंकों का भी मिल जाता है।

कुछ ख़ास कार्ड पर CVV कोड निम्न प्रकार होता है –

  1. Diners Club, Discover, JCB, MasterCard और Visa क्रेडिट और डेबिट कार्ड में ये CVV कोड 3 अंकों का होता है कोड कार्ड के पीछे सिग्नेचर पैनल पर मुद्रित संख्याओं का अंतिम समूह होता है।
  2. American Express कार्ड में CVV कोड सामने की तरफ कार्ड नंबर के पास 4 अंकों का होता है।
  3. उत्तरी अमेरिकन MasterCard और Visa कार्ड में एक अलग पैनल में (Signature Strip) हस्ताक्षर पट्टी के दायीं ओर यह CVV कोड होता है। यह कार्ड पर हस्ताक्षर करके संख्याओं की ओवरराइटिंग को रोकने के लिए किया जाता है।

CVV के अन्य नाम या प्रकार 

इन सब नामों को देखकर आप चोंकियें मत क्योंकि CVV को इतने नामों से जाना जाता है या CVV की तरह इतने कोड होते हैं।जो भी कार्ड बनाने वाली कंपनी होती हैं वो अपने कार्ड की अलग पहचान रखने के लिए अपने कार्ड के लिए अलग अलग कोड इस्तेमाल करती है।

लेकिन इन सब का काम एक समान ही होता है जो कि है कार्ड को सुरक्षा प्रदान करना।

CVV या CVC के प्रकार 

  • CVC1/CVV1 (Card Validation Code 1 OR Card Verification Code 1) – इसके द्वारा ये सुनिश्चित किया जाता है कि कार्ड का इस्तेमाल स्वयं कार्ड धारक ही कर रहा है। ये “Card Present Transactions” के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • CVC2/CVV2 (Card Validation Code 2 OR Card Verification Code 2) –  इसका इस्तेमाल ऑनलाइन व्यापारी द्वारा अक्सर मेल, फैक्स, टेलीफोन या इंटरनेट द्वारा होने वाले “Card Not Present Transactions” लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पश्चिमी यूरोप के कुछ देशों में, कार्ड जारी करने वालों को कोड प्राप्त करने के लिए एक व्यापारी की आवश्यकता होती है जब कार्डधारक व्यक्ति मौजूद नहीं होता है।

प्रमुख सुरक्षा कोड –

  1. CVC/CVC2 ↪ Card Verification Code. (कार्ड सत्यापन कोड) :- इस कोड का इस्तेमाल MasterCard द्वारा किया जाता है। 
  2. CSC ↪ Card Security Code. (कार्ड सुरक्षा कोड) :- यह कोड 3 अंकों का होता है और इसका इस्तेमाल केवल American Express द्वारा किया जाता है।  
  3. CVD ↪ Card Verification Data (कार्ड सत्यापन डाटा) :- यह कोड Discover द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। 
  4. CID ↪ Card Identification Data/Number (कार्ड पहचान डाटा) :- यह 4 अंकों का कोड होता है तथा यह Discover व American Express के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
  5. CVN/CVN 2  ↪ Card Verification Number (कार्ड सत्यापन नंबर) :- इस कोड का इस्तेमाल China UnionPay द्वारा किया जाता है।  
  6. CVV2 ↪ Card Verification Value 2 (कार्ड सत्यापन नंबर 2) :- इस कोड का इस्तेमाल Visa द्वारा किया जाता है।
  7. CVE ↪ Elo Verification Code (एलो सत्यापन कोड) :- इस कोड का इस्तेमाल ब्राज़ील में Elo द्वारा किया जाता है।
  8. CVVC ↪ Card Verification Value Code (कार्ड सत्यापन मूल्य कोड) 
  9. CCV ↪ Card Code Verification (कार्ड कोड सत्यापन)
  10. CAV ↪ Card Authentication Value (कार्ड प्रमाणीकरण मूल्य)

CVV की अहमियत

हम सभी अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेन-देन तो करते ही हैं तो CVV हमारे इसी उपयोग को सुरक्षित बनाने के लिए विकसित किया गया था।

  • अगर आप ऑनलाइन शौपिंग कर रहे हैं तो CVV आपके लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे ये निश्चित कर लिया जाता है कि जो ये पेमेंट कर रहा है उसके पास Physical (भौतिक) डेबिट या क्रेडिट कार्ड है। इस नज़रिए से CVV आवश्यक है।
  • आपको क्रेडिट या डेबिट कार्ड प्रदान करने वाली कंपनी अपने डेटाबेस में आपके CVV को स्टोर नहीं रखती हैं तो अगर आपको क्रेडिट या डेबिट कार्ड प्रदान करने वाली कंपनी पर कोई अटैक होता है तो आपके कार्ड की जानकारी लीक होने के बावजूद भी CVV लीक नहीं होने की वजह से कोई भी Transcation कम्पलीट नहीं कर पायेगा क्योंकि उसके पास CVV नहीं है।   
  • Payment Card Industry Data Security Standard (PCI DSS) के अनुसार जिस Site या Portal पर आप अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते हैं उसे आपके कार्ड की महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कार्ड नंबर और CVV आदि सेव करके रखने की अनुमति नहीं है। 
  • CVV आपके कार्ड में पीछे की तरफ अंकित होता है ताकि जब कभी आप किसी सार्वजनिक स्थान पर अपने कार्ड का इस्तेमाल करें तो आप अपने CVV को कैमरा और लोगों आदि की नज़रों से बचाकर धोखाधड़ी से बच सकें।
  • अगर कोई व्यक्ति आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड से आपसे पूछे बिना कोई Transcation करना चाहे तो वह बिना CVV के कोई भी Transcation नहीं कर सकता है। इस प्रकार CVV का महत्व अद्वितीय है।

CVV की कमियां

  • यदि आपका कार्ड चोरी हो जाता है तो आपके कार्ड के साथ साथ आपके CVV नंबर भी उस इंसान को मिल जाते हैं जिसने आपका क्रेडिट या डेबिट कार्ड चुराया या छीना है। तो आपका अकाउंट और उसमें जो आपका पैसा है वो भी खतरे में पड़ जाता है।
  • अगर आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड को कोई Duplicate भी बना लेता है जिसमें चुम्बकीय पट्टी (Magnetic Strip) भी हो तो Fraud करने वाला व्यक्ति आपके कार्ड के CVV कोड को भी Access कर सकता है।
  • CVV फ़िशिंग घोटालों (Phishing Scams) से रक्षा नहीं कर सकता, जहाँ कार्ड धारक को जालसाज़ी और धोखाधड़ी करने वाली वेबसाइट के माध्यम से कार्ड की अन्य जानकारी के साथ साथ CVV की जानकारी भी दर्ज करने के लिए बरगलाया जाता है।
  • कई कार्ड जारी करने वाली कंपनी CVV का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो इसके बिना Transcation सुरक्षित नहीं होगा और धोकाधड़ी बढ़ेगी।
  • किसी व्यापारी को लेन-देन करने के लिए CVV कोड की आवश्यकता होना अनिवार्य नहीं है इसलिए अभी भी यदि किसी को कार्ड नंबर पता है तो धोखाधड़ी हो सकती है।
  • Fraudester अर्थात धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति के लिए एक अटैक के द्वारा CVV कोड का अंदाज़ा लगाना संभव है। इस कारण हमारे साथ धोखा हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) 

क्या कोई व्यक्ति बिना हमारे CVV जाने हमारे क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकता है? 

नहीं। क्योंकि CVV के बिना हमारे क्रेडिट या डेबिट कार्ड से कोई भी Transcation नहीं किया जा सकता है।

किस डेबिट या क्रेडिट कार्ड में CVV कोड नहीं होता है? 

जिन कार्ड में कार्ड संख्या 19 अंकों की होती है उनमें CVV कोड नहीं होता है।

क्या हमारा एटीएम पिन और CVV एक ही होते हैं?

नहीं। आपके एटीएम पिन और CVV एक समान नहीं होते हैं बल्कि दोनों अलग-अलग होते हैं। एटीएम पिन सिर्फ एटीएम मशीन में क्रेडिट या डेबिट कार्ड अकाउंट को Access करने के लिए होता है।

क्या हमें अपने कार्ड का CVV किसी को बताना चाहिये?

नहीं। क्योंकि यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होता है। हालांकि आप इसे अपने किसी विश्वसनीय व परिचित को बता सकते हैं जो इसका दुरुपयोग न करे।

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