SEO क्या है ? – Types Of SEO + Detailed गाइड

“SEO” नाम तो सुना हुआ लग रहा होगा आपको। इसी SEO को आज हम इस पोस्ट में कवर करने वाले हैं।

SEO Kya Hai से लेकर SEO कैसे करें, SEO के 8 Types सहित सभी SERP, Search Engine जैसी बेसिक से Advanced जानकारी को हम देखने जा रहे हैं।

On Page और Off Page SEO के Details भी इसी आर्टिकल में शामिल हैं।

seo-kya-hai
SEO Kya Hai – SEO In Hindi

ये Guide आपकी SEO के बारे में Knowledge तो बढ़ाएगी ही साथ ही आपको एक बेहतर SEO Practicer बनने में मदद भी करेगी।

SEO Kya Hai – What Is SEO In Hindi

Digital Marketing में अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के कई तरीके हैं जिनसे आप ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं –

  • SEO
  • SMO
  • SMM
  • Email Marketing
  • Social Media Marketing
  • Content Marketing
  • Affiliate Marketing
types-of-digital-marketing-hindi
@InfiDigit

ये सब काफ़ी Broad Topic हैं इसलिए इन सब Techniques को Use करने के लिए आपको पहले इन सब के बारे में जानना जरुरी है। तो चलिए आज हम इन सब में से SEO के बारे में Detail से जानते हैं।

SEO In Hindi: सबसे पहले SEO Full Form In Hindi जान लें। SEO की फुल फॉर्म Search Engine Optimization होती है। यानि कि Search Engines के लिए Website को Optimize करना।

SEO एक ऐसी Technique है जिसमें वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज़ किया जाता है। SEO की मदद से वेबसाइट को सर्च इंजन में Rank करवाया जाता है। जिससे कि आपकी वेबसाइट पर अधिकाधिक Organic Traffic आ सके।

अब ये आर्गेनिक ट्रैफिक क्या होता है भई ! आर्गेनिक खाद तो सुना था अब ये आर्गेनिक ट्रैफिक कौनसी बला है ? चलिए इस सवाल का भी जवाब देखते हैं।

Organic Traffic क्या होता है ?

Organic Traffic मतलब वे लोग जो Search Engine के द्वारा बतौर ट्रैफिक आपकी वेबसाइट पर आते हैं।

Organic Keyword Example: मान लें अगर आपकी कोई Education वेबसाइट है तो अगर कोई आपकी वेबसाइट के SERP में Indexed किसी Particular Keyword से आपकी उस वेबसाइट पर Land करता है।

तो वो ट्रैफिक आपकी Site का Organic Traffic कहलाता है। और जिस वेबसाइट पर बढ़िया Organic Traffic होता है वो उनकी Ranking की ट्रेन के लिए हरी झंडी का काम करता है।

मतलब बढ़िया Organic Traffic तो Website की Value में बढ़ोतरी। That’s It 🙂

Search Engine क्या है – What Is Search Engine In Hindi

अब यहाँ Search Engine की बात हो रही है जो कि जाहिर से बात है कि जहाँ SEO की बात होगी वहाँ सर्च इंजन की भी बात होगी। तो देखते हैं कि Searching Engines क्या हैं ?

Search Engine Kya Hai: ये तरह के Web Based प्रोग्राम होते हैं जो इंटरनेट पर Users को Information सर्च करने में मदद करते हैं। इसमें अगर आप कोई भी कीवर्ड Enter कर सर्च करते हैं तो ये आपको Best & Relevant परिणाम Show करता है।

जैसे कि Google Search Engine. इसमें अगर आप कोई Keyword सर्च करते हैं तो ये आपको उससे जुड़े बहुत सारे और सबसे Best Performer & Relevant रिजल्ट टॉप पर दर्शाता है।

top-search-engines-hindi
@ReliableSoft

इंटरनेट पर आज बहुत सारे Search Engines हैं जिनमें से Top Search Engines List ये है –

  • Google
  • Bing
  • Baidu
  • Yahoo
  • Yandex
  • DuckDuckGo
  • ASR
  • Ecosia
  • GigaBlast
  • EntireWeb
  • SonicRun
  • Internet Archive

इन सब में से Google सबसे लोकप्रिय और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाला Search Engine है। आज लगभग 92.26% यूजर गूगल का ही इस्तेमाल करते हैं।

search-engines-uses-stats
@ReliableSoft

इसके बाद Bing को तक़रीबन 2.83%, Baidu को 1.48%, Yahoo को 1.47%, Yandex को 1.38% और DuckDuckGo को लगभग 0.6% लोग इस्तेमाल करते हैं। इनके अलावा बाकी Engines बहुत कम इस्तेमाल किये जाते हैं।

SEO क्यों जरुरी है ? – Why SEO Is Important

अगर आप एक ब्लॉगर है या आपकी कोई खुद के बिज़नेस से जुड़ी वेबसाइट है तो उसे SERP में Specific Keywords पर रैंक करवाने के लिए SEO बेहद जरुरी है। SEO के निम्न फायदे हैं –

  • SEO वेबसाइट पर ट्रैफिक खासतौर पर Organic Traffic लाने के लिए Responsible है।
  • SEO की Help से बिना Google Ads का सहारा लिए First Page पर अच्छी रैंकिंग हासिल की जा सकती है।
  • अगर आपकी Product Selling Ecommerce वेबसाइट है तो ये आपकी Sells को बढ़ाने में सहायकमंद है।
  • अगर आपकी कोई Image, Songs, Poems, Stories से जुड़ी वेबसाइट हैं तो उन पर एक अच्छी खासी Reach आपको SEO के के जरिये पा सकते हैं।

निष्कर्ष ये है कि SEO से अच्छी रैंकिंग, अच्छी रैंकिंग से अच्छा ट्रैफिक और अच्छे ट्रैफिक से बढ़िया आमदनी।

benefits-of-seo-hindi
@Chetaru

Note: हालांकि Websites, E-Commerce Websites, Mobile Apps आदि की SEO Related Technique अलग-थलग होती है। कुछ में ज्यादा अंतर तो कुछ में कम।

SEO काम कैसे करता है ?

SEO के काम करने की प्रक्रिया का फंडा बहुत ही सिंपल है। इसकी Process को हम तीन Steps में Divide कर देते हैं कि SEO कैसे काम करता है –

how-seo-works-hindi
@Avengering

#1 Step Of Crawling The Site

Crawling Process में Search Engine Web Crawler Bots या Spiders आपके वेबसाइट पर आते हैं और आपकी वेबसाइट को Scan करते हैं। ये Page speed, Meta/Title Tags, Social Signals, Internal Linking और Backlinks जैसी कई जानकारियां इकट्ठी करते हैं।

Google तक़रीबन 200+ Ranking Factors का इस्तेमाल अपनी Ranking Algorithm में करता है।

अगर आपने वेबसाइट का Sitemap सर्च इंजन के Webmaster Tool में सबमिट किया होगा तो ये Bots Regularly आपकी वेबसाइट को Scan करते हैं।

#2 Step Of Indexing The Content

क्रॉलिंग पूर्ण होने के बाद आपकी वेबसाइट के Important Crawled Data को सर्च इंजन द्वारा अपने Level पर स्टोर किया जाता है। वेबसाइट का हर User Related Page और Post सर्च इंजन में इंडेक्स होना चाहिए।

#3 Step Of Matching And Showing Result

इस अंतिम स्टेप में अगर कोई यूजर आपकी वेबसाइट से जुड़े किन्हीं Particular Keywords को सर्च इंजन में टाइप कर सर्च करता है। तो उसे उस कीवर्ड पर रैंक कई सारी वेबसाइट बतौर परिणाम प्रदर्शित होंगीं।

सर्च इंजन अपने अल्गोरिथम के अनुसार Stored Data से उस Keyword को Match करता है। अगर आपकी वेबसाइट इस Matching प्रक्रिया में सफल होती है तो आपकी वेबसाइट SERP में दिखाई देगी।

Types Of SEO In Hindi – SEO के प्रकार

अब बात करते हैं SEO Types In Hindi की। SEO मुख्यतः 8 Types के होते हैं जो निम्न हैं –

  1. White Hat SEO
  2. Black Hat SEO
  3. Grey Hat SEO
  4. Negative SEO
  5. On-Page/On-Site SEO
  6. Off-Page/Off-Site SEO
  7. Technical SEO
  8. Local SEO
types-of-seo-hindi
@Infidigit

1.White Hat SEO

White Hat SEO क्या है: वाइट हैट एसइओ के अंदर उन सभी SEO Techniques का इस्तेमाल किया जाता है जो Google Search Engine की Guidelines के अनुरूप होती हैं।

मतलब वे SEO Practices जो गूगल की गाइडलाइन्स ना तोड़ें और जिन्हें Use करने पर Google आप पर कोई Penalty नहीं लगाये।

अगर आप सब्र के साथ White Hat SEO अच्छी तरीके से करते हैं तो ये बेहतर Brand Building और Low Risk के साथ अच्छे Results में मददगार साबित होता है।

On Page & Off Page SEO अगर White Hat Way में पूर्ण किये जायें तो ये निश्चित ही आपकी वेबसाइट की रैंकिंग को बढ़ावा देते हैं।

White Hat SEO में निम्न तरह की Basic Techniques होती हैं –

  • High Quality Content (Mixed Use of Text + Images + Videos)
  • Keyword Research
  • Mobile Friendly Website
  • Fast Page Loading Time & Responsiveness
  • Use Of Schema
  • Descriptive, Accurate Keywords And Meta Tags
  • Structured And Organized Website
white-hat-seo-techniques-hindi
@Acmethemes

2.Black Hat SEO

Black Hat SEO क्या है: ब्लैक हैट एसइओ White Hat SEO का एकदम Opposite है। साथ ही ये Google Search Engine की Guidelines के भी विरुद्ध है।

इन Black Hat SEO Techniques में Search अल्गोरिथम के Loopholes और Weaknesses का फायदा SERP में बेहतर रैंकिंग के लिए लिया जाता है।

ये High Risk Techniques होती हैं जिनके कारण आपकी वेबसाइट के Blacklisted होने या उसकी रैंकिंग में ज़बरदस्त गिरावट के Chances बन जाते हैं।

अधिक रिस्क के साथ ये विधियाँ आपको सिर्फ कुछ समय के लिए ही अच्छे Results देने में कामयाब हो सकती हैं। लेकिन जब Google के ये Loopholes ख़तम किये जाते हैं तो आपको नुकसान हो सकता है।

Black Hat SEO में निम्न तरह की बेसिक विधियों का इस्तेमाल किया जाता है –

  • Keyword Stuffing (अपने कंटेंट को Keywords से लबालब भर देना)
  • Meta Tag Stuffing (Meta Tags जैसे Title और Description Tags को अधिक बार Use करना)
  • Hidden Links (Styling की मदद से Irrelevant Links को छुपाना)
  • Paid/Buying Backlinks (पैसे देकर वेबसाइट के लिए Backlinks खरीदना या बेचना)
  • Spam Backlinks (Spammy Comments या Content में Overused Links जोड़ना)
  • Cloaking (Visitors और Search Engines दोनों के लिए Different Content)
  • Article Spinning/Rewriting #Duplicate Content (AI टूल्स का इस्तेमाल करके किसी और के Articles को Modify करके अपनी वेबसाइट पर पब्लिश करना)
  • Doorway/Gateway/Bridge/Portal/Jump/Entry Pages (किसी Particular कीवर्ड के रैंक करना और फिर Visitors को Other URL पर Redirect करना)
  • Mirror Website (किसी Content वेबसाइट की हुबहू कॉपी बनाना) Etc…
black-hat-seo-techniques-hindi
@Javatpoint

इनके अलावा भी और बहुत-सी ऐसी Black SEO Techniques हैं जिन्हें आपको Avoid ही करना चाहिए। CognitiveSEO पर Razvan Gavrilas ने इनकी एक List शेयर की है।

3.Grey Hat SEO

Grey Hat SEO क्या है:ग्रे हैट एसइओ‘ जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है कि ये White Hat SEO और Black Hat SEO का Combination/Mix है।

ये Black Hat SEO से कम लेकिन White Hat SEO से अधिक Risky है। इसका स्पष्टीकरण करना मुश्किल है।

ये दोनों के बीच की मध्यम रेखा है। लेकिन खोज इंजन के अल्गोरिथम में Changes के कारण भविष्य में इसका अर्थ और वर्क विपरीत हो सकता है।

यह तकनीकें कुछ हद तक संदिग्ध होती है और ये भी हो सकता है कि ये टाइप Black Hat SEO बन जाए।

ये Techniques अस्पष्ट हैं। ना हीं तो ये Search Engines की Guidelines के विपरीत होती हैं और न हीं उनका पालन करती हैं।

Grey Hat SEO में निम्न तरह की बेसिक विधियों का इस्तेमाल किया जाता है –

  • Using Expired Domains (Expired Authority Domains को खरीद कर उनसे Link Juice लेना या उनकी पहले से बनी धाक/अथॉरिटी का इस्तेमाल करना)
  • Updating Or Spinning Old Content (पुरानी Short ब्लॉग Posts को Longer बनाना या अतिरिक्त Keywords जोड़ना)
  • Careful Keyword Stuffing/Density (सावधानीपूर्वक Title Tags, H2, H3, URL, कंटेंट की शुरुआत और आखिर में आदि कई जगह Positive Keyword Stuffing करना)
  • Links Exchange (Same Field या किसी भी वेबसाइट के साथ Backlinks Exchange करना)
  • PBN – Private Blogging Network (हालांकि एक Black Hat SEO तकनीक, लेकिन एक Gray Hat SEO तकनीक अगर Useful और Relevant कंटेंट हो)
  • Multiple Social Media Accounts (Social Signals को Strong करने के लिए वेबसाइट के लिए कई Dummy सोशल मीडिया अकाउंट बनाना)
  • Micro Site Or Blog (Micro Site या Blog बनाकर Primary वेबसाइट के लिए Backlinks Generate करना)
  • Web 2.0 Submission.

Note:- Grey Hat SEO और Black Hat SEO में बस कुछ ही दूरी है तो अगर आप Grey Hat SEO करते हैं तो ध्यान रखें कि ये दूरी बनी रही और जैसे ही Grey Hat SEO की लिमिट आपने Cross की तो आप खुद को Black Hat SEO Zone में।

White Hat SEO vs Black Hat SEO vs Grey Hat SEO

white-hat-vs-black-hat-vs-grey-hat-seo-hindi
@Viixendigital

4.Negative SEO

Negative क्या है: नेगेटिव एसइओ उसी बात पर काम करता है कि “अगर कोई किसी दूसरे से आगे नहीं निकल सकता है तो वो उसे पीछे करने की कोशिश में जुट जाता है।

जैसा कि नेगेटिव नाम से ही पता चल रहा है कि ये नकारात्मक ही होगा। ये एक तरह का SEO अपने Competitors की Ranking डाउन करवाने के लिए किया जाता है।

Negative SEO में कई Malicious Techniques का इस्तेमाल करके अपने Competitor की रैंकिंग को चुराने के लिए SERP में उसकी रैंकिंग को डाउन करवाया जाता है।

ये भी एक तरह का Black Hat SEO ही कहा जा सकता है।

Negative SEO को अंजाम देने के लिए निम्न तकनीकें लगायी जाती हैं –

  • वेबसाइट को Hack करना और Malwares Insert करना
  • Spammy Anchor Texts के साथ Toxic Backlinks बनाना
  • Web Scraping करके Duplicate Clone वेबसाइट बनाना
  • वेबसाइट के बारे में Fake Negative Reviews फैलाना
  • Webmasters को Fake Removal Request भेज कर Backlinks Remove करवाना
  • Bots आदि के द्वारा Heavy Load बढ़ाकर वेबसाइट डाउन करवाना
negative-seo-in-hindi
@Zebratechies

5.On Page SEO/On Site SEO

On Page SEO क्या है: ऑन पेज एसइओ वे Techniques होती हैं जो आपकी वेबसाइट पर ही कंटेंट तैयार करते समय इस्तेमाल की जाती हैं।

इसलिए इसका नाम भी है – On Page SEO और On Site SEO.

On Page SEO में किसी Individual वेब पेज को SERP में बेहतर रैंकिंग के लिए Optimize किया जाता है। इसमें Content और HTML दोनों को Optimize किया जाता है।

On Site SEO Kaise Kare में गूगल के Ranking Factors शामिल होते हैं। On Page SEO में ध्यान ये रखना पड़ता है कि आपको अपना कंटेंट Users और Search Engine दोनों के लिए Optimize करना है।

वो भी White Hat SEO का इस्तेमाल करते हुए, ना कि Black Hat. अगर आप सिर्फ सर्च इंजन के लिए लिखेंगें तो रैंकिंग भूल जायें।

गूगल जैसे सर्च इंजन चाहते हैं कि वो अपने Users को Best कंटेंट Provide करवाएं तो हमेशा Users Friendly आर्टिकल लिखें।

SEO Friendly Post के साथ-साथ पोस्ट यूजर फ्रेंडली भी हो। अगर आप Users को Ignore करेंगें तो Google आपको Ignore करेगा।

On Page SEO कैसे करें: चलिए देखते हैं एक बेहतरीन On Page SEO Friendly Post के लिए कुछ बेसिक टिप्स

on-page-seo-techniques-in-hindi
@ESTInstitute

1.Keyword Research कर Best Keywords चुनें :- Article लिखने से पहले कीवर्ड रिसर्च करना बहुत ही जरुरी है। आर्टिकल के लिए Low Competition Keywords चुनें जो कि अक्सर Long Tail Keywords ही होते हैं।

keywords-search-volume-graph
@Moz

Low Difficulty और High Search Volume Keywords के साथ-साथ Related Keywords और LSI Keywords का भी Use करें।

2. Short URLs का इस्तेमाल करें :- SEO Case Studies की मानें तो Short Url वाले आर्टिकल Long Url वाले आर्टिकल से SERP Ranking में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

छोटा यूआरएल सर्च इंजन के लिए भी Best है और Users को भी याद रह जाता है। यानि एक तीर से दो निशाने !

short-url-performace-in-serp
#Backlinko

3.Images में ALT Tags का इस्तेमाल करें :- Search Engine Images को Read नहीं कर सकते, वे ALT Tag से ही ये पता लगाते हैं कि इमेज किससे रिलेटेड है।

इसलिए Images में ALT Tags का Use जरुर करें और At Least एक इमेज में अपने Main Keyword को Include जरुर करें।

image-alt-tags-seo
@BlueCorona

4.वेबसाइट को Mobile Friendly रखें :- आज लगभग 60-70% इंटरनेट यूजर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। तो मोबाइल फ्रेंडलीनेस को Ignore करके आप एक बड़ी मात्रा में ट्रैफिक खो देंगें।

आप Google Mobile Friendly Test से अपनी वेबसाइट को Check कर सकते हैं।

mobile-vs-desktop-users
mobile-vs-desktop-in-local-search-market
@Backlinko

5.Website Speed Slow ना हो :- Slow वेबसाइट Users को पसंद नहीं हैं और Users की नापसंद यानि Search Engines की नापसंद। अपनी वेबसाइट की Loading Speed 3 सेकंड से नीचे रखें।

हाँ, Users Slow Websites को कम पसंद करते हैं लेकिन गूगल Fast वेबसाइट को विशेष महत्व/रिवॉर्ड नहीं देता है। यह स्टेटेप क्निकल एसइओ का हिस्सा भी है।

Speed Test के लिए आप Google PageSpeed Insights Tool Or Test My Site By Google या GTMetrix का इस्तेमाल कर सकते हैं।

median-page-load-time-on-serp-ranking-sites
@Moz

6.Title Tag में Focus Keyword यूज़ करें :- एक बेहतर Title का चुनाव करें और टाइटल टैग/SEO Meta Title में Main Keyword का इस्तेमाल जरुर करें।

keyword-in-title-tag-seo
@Backlinko

क्योंकि गूगल Title Tags को काफ़ी महत्व देता है और ये आपकी CTR बढ़ाने में भी मददगार हो सकते हैं। Title को 60 Characters तक सीमित रखें।

7.Meta Description में Main Keyword डालें :- Meta Description यानि सर्च इंजन में आपके पेज के बारे में दिखने वाली Small Summary.

Meta Description में Main कीवर्ड को जरुर शामिल करें। मेटा डिस्क्रिप्शन की Length अधिकतम 160 Characters ही रखें।

 meta-description-variations
@Semrush

8.Headings का इस्तेमाल करें :- अपने कंटेंट में Headings का इस्तेमाल जरुर करें। एक पेज में एक ही H1 रखने की कोशिश करें।

सिर्फ आपका Page Title ही H1 Tag में हो। अपने कंटेंट को Headings के Use से Parts में Divide करके User को Serve करें।

6-heading-types
@DiggityMarketing

9.Keyword Density का ध्यान रखें :- Keyword Density यानि आपका कोई Particular कीवर्ड कंटेंट में कितनी बार Repeat हुआ है।

अगर आप अधिक बार किसी कीवर्ड को इस्तेमाल करते हैं तो ये Keyword Stuffing में आता है। जो कि Black Hat SEO Technique है।

 keywords-in-body-graph
@Searchmetrics

कीवर्ड डेंसिटी को लगभग 1.5%-2% तक ही सीमित रखें।

10.Content Length भी Matter करती है :- कई SEO Case Studies/Surveys के अनुसार Short Length Content की तुलना में Long Length Content अच्छी SERP रैंकिंग हासिल करता है।

पोस्ट को कम से कम 1000-1500 Words की लिखें। लेकिन ध्यान ये भी रहे कि सिर्फ Content को लम्बा खींचकर बढ़ा नहीं लिखना है।

सभी जानकारी को उसमें Include करके यूजर को Value प्रोवाइड करनी है। न कि सिर्फ ऐसी को किसी बात को लम्बे-चौड़े तरीके से बताना।

content-length-in-seo
@Backlinko

पोस्ट To The Point और Full Of Value हो।

11.Internal/Inbound और External/Outbound Linking करें :- इंटरनल लिंक में आर्टिकल से Related अपने किन्हीं अन्य Articles को Link करें। इससे आपको Bounce Rate कम करने में मदद मिलेगी।

एक्सटर्नल लिंक में किसी बाहरी Authority Site के किसी Relevant Page को Current Post में Link करें। गूगल की नज़र में आपको कौन Link करता है के साथ-साथ आपको किसको Link करते हैं।

relationship-between-google-ranking-and-links
@Moz

इसका भी महत्व है। आप External लिंक से उस वेबसाइट और उसके कंटेंट को एक Vote देते हैं

12.Content में Visual Content का इस्तेमाल करें :- अपने कंटेंट में Visual Content यानि Images (Infographics, Screenshots Etc.) और Videos (Gifs, Animations, Tutorial Videos Etc.) का जरुर Use करें।

ये आपके कंटेंट को और अधिक Value प्रदान करते हैं। जैसा कि कहा भी जाता है – “एक Image 1,000 Words के बराबर होती है।

 importance-of-visual-contents
@Relevance

विडियो के लिए आप Youtube पर अपनी Video अपलोड कर या पहले से उपलब्ध कोई Valuable Video को अपनी Site पर Embed कर सकते हैं।

13.Content में Bold, Italic और Underlining का Use करें :- अपने कंटेंट में Important Line या Words को Bold या Italic या Underline जरुर करें ।

ये उस लाइन को Eye Catching तो बनाता ही है, साथ ही Crawlers का ध्यान भी इन पर विशेष रहता है।

अपने Main Focus Keyword को भी Bold, Italic या Underline करें।

14.Robots.txt को Add और Edit करें :- वेबसाइट में आपको Robots.txt जरुर Add करना चाहिए। वैसे तो ये Technical SEO का पार्ट भी है।

इस फाइल के जरिये आप Web Crawlers को बता सकते हैं कि आपकी वेबसाइट पर क्या क्रॉल करना है और क्या नहीं। आप किसी Page या Directory को No-Index/Disallow कर सकते हैं।

robots-txt-syntax-google

आप अपनी वेबसाइट के Robots.txt फाइल को इस यूआरएल से चेक कर सकते हैं – https://yoursite.com/robots.txt

वैसे ये फाइल ऐड करना वैकल्पिक है ना कि अत्यावश्यक।

15.अच्छा Permalink Structure रखें :- पर्मालिंक यानि कि आपकी वेबसाइट के यूआरएल। Human Readable और Short URLs SEO और यूजर दोनों की नज़र से जरुरी हैं।

 keep-simple-url-structure
@Backlinko

उदाहरण के लिए :

Bad URLs:

  1. https//hindrise.com/?p=9435
  2. https//hindrise.com/blog/2021/08/27/what-is-seo-in-hindi
  3. https//hindrise.com/what-is-seo-in-hindi-best-detailed-guide-of-2021-latest

Good URL:

  1. https//hindrise.com/seo-kya-hai

6.Off Page SEO/Off Site SEO

Off Page SEO क्या है: ऑफ पेज एसइओ में वे सब Actions शामिल होते हैं जो आपकी वेबसाइट के बाहर आपकी वेबसाइट की Search Engine Ranking में सुधार के लिए Perform किये जाते हैं।

जैसा कि इसका नाम भी है – Off Page SEO और Off Site SEO.

Off Page SEO में Link Building, Good PR (Authority), Brand Building, Content Marketingऔर Social Media Marketing आदि फैक्टर होते हैं।

ये फैक्टर सर्केच इंजन के लिए आपकी वेबसाइट की अथॉरिटी और Trust को Define करते हैं।

Backlinks ऑफ पेज एसइओ का बड़ा हिस्सा है लेकिन Off Page SEO सिर्फ इस तक ही सीमित नहीं है। Social Signals जैसी और भी चीज़ें हैं।

Google “PageRank” अल्गोरिथम का इस्तेमाल करता है जिसमें Backlinks की Quality और Quantity Matter करती है।

Dofollow और Nofollow दो तरीके होते हैं जो गूगल को आपकी लिंक के बारे में बताते हैं।

Dofollow Backlinks/Link क्या हैं ?

Dofollow Backlink वे Links होती हैं जो किसी वेबसाइट से Destination/Target वेबसाइट को Authority यानि Link Juice शेयर करती हैं।

ये लिंक जूस आपकी Site की Domain Authority (DA) या Domain Rating (DR) बढ़ाने में मदद करती हैं।

और एक अच्छा DA/DR SERP रैंकिंग बढ़ाने में मदद करता है। मतलब Do-Follow Backlinks PageRank में मदद करती हैं।

By Default लिंक Dofollow ही होती हैं उनमें किसी तरह के Rel Attribute (rel=”dofollow”) की जरुरत नहीं होती है।

Nofollow Backlinks/Link क्या हैं ?

ये Dofollow Links के विपरीत होती हैं। इसमें Linking Website को कोई अथॉरिटी या लिंक जूस पास नहीं होता है।

कोई लिंक जूस शेयर न होने के कारण ये Page Rank में कोई मदद नहीं करती हैं। सर्च इंजन बोट द्वारा इन्हें Ignore कर दिया जाता है।

किसी लिंक को नोफॉलो बनाने के लिए उसमें rel Attribute (rel=”nofollow”) Add करना होता है।

Dofollow Vs Nofollow Backlinks

डूफॉलो बैकलिंक से किसी वेबसाइट को Link Juice/Authority पास की जाती है।

जबकि नोफॉलो बैकलिंक से कोई Link Juice पास नहीं होता है।

Dofollow Backlink Example :- <a href=””>Dofollow Backlink</a>

Nofollow Backlink Example :- <a href=”” rel=”nofollow”>Nofollow Backlink</a>

Off Page SEO कैसे करें: आइये देखते हैं Off Page SEO के लिए कुछ Techniques

1.Social Media Marketing/Sharing :- सोशल मीडिया शेयरिंग Off Page SEO की एक महत्वपूर्ण Technique है। गूगल Social Signals को भी Importance देता है।

Social Media Platform पर अपनी Site के Posts & Pages को शेयर करने से आपको वहाँ तो एक अच्छा User Engagement तो मिल ही सकता है।

साथ ही आपको Backlink के साथ गूगल को आपकी Site के बारे में Green सोशल सिग्नल मिलते हैं जो कि आपको रैंकिंग को प्रभावित करते हैं।

 social-singals-experiment-seo
@CognitiveSeo

ये टॉप 10 Social Networking Sites हैं जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं –

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • Pinterest
  • Instagram
  • Snapchat
  • Tumblr
  • Reddit
  • Ask.fm
  • Mix

इनके अलावा भी और कोई Sites हैं जिनके बारे में आपको लगता है कि आप वहाँ से अच्छा Response ले सकते हैं तो उनका भी इस्तेमाल कर आप कर सकते हैं।

2.Guest Posting :- Guest Posting से मतलब है कि किसी बढ़िया Authority वाली साइट के लिए कोई आर्टिकल लिखकर उस पर पब्लिश करना।

और बदले में उनसे एक लिंक लेना। तो आपको अपने Niche में कई Sites मिल जायेंगीं जो Guest Posting के लिए Available हों।

guest-posts-study
@Ahrefs

Niche या Field Relevancy का ध्यान रखें और एक ही Guest Posting Website पर बार-बार Post न लिखें।

3.Influencer Outreach :- अगर आप कुछ ऐसा कंटेंट लिखते हैं जो कि Share करने के लायक हो, जिससे किसी Certain User Group को Value मिले।

तो अपने Field के Influencers को Email या सोशल मीडिया किसी भी तरीके से Outreach कर सकते हैं।

और उन्हें बता सकते हैं कि आपने एक अच्छा कंटेंट लिखा है जो कि Users के लिए Valuable होगा।

आप उनसे Backlink के बारे में पूछ सकते हैं या उनसे Request कर सकते हैं कि वे इस कंटेंट को अपने Social Accounts पर शेयर करें।

या फिर उन्हें उस विषय के बारे में आपकी वेबसाइट पर कोई Feedback या Review दें। क्योंकि लोग Influencers से किसी विषय में सुनना पसंद करते हैं।

 influence-research
@Twitter

4.Broken Link Building :- इस Technique में आप किसी वेबसाइट के Owner को संपर्क करते हैं जिनकी वेबसाइट पर कोई Broken Links होती हैं।

ये Broken लिंक आपकी वेबसाइट की कोई पुरानी लिंक या आपके Competitor की कोई लिंक हो सकती है।

तो आप Owner को बता सकते हैं कि आपकी वेबसाइट पर Particular लिंक Broken है और मैंने भी इस टॉपिक पर अच्छा कंटेंट लिखा है।

अगर आप चाहें तो इस लिंक को मेरे कंटेंट की लिंक से Replace कर सकते हैं।

evaluate-outbound-broken-links
@InvestIsDigital

5.Social Bookmarking Sites :- आपकी वेबसाइट को Promote करने के लिए सोशल बुकमार्किंग वेबसाइट अच्छा जरिया हो सकती हैं।

अगर आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पोस्ट को यहाँ बुकमार्क करते हैं तो आपकी वेबसाइट के लिए एक अच्छी मात्रा में ट्रैफिक Generate हो सकता है।

अगर आप इनका इस्तेमाल करते हैं तो ध्यान रखें कि एक Eye-Catching Headline लिखें और कंटेंट के अंदर क्वालिटी यानि वैल्यू ऐड करें।

हालांकि इनके बारे में मतभेद है कि सोशल बुकमार्क साइट का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं।

इंटरनेट पर ऐसी बहुत सी Bookmarking Website है जिनमें से टॉप 10 निम्न हैं –

  • StumbleUpon
  • Digg
  • Reddit
  • Slashdot
  • Diigo
  • Tumblr
  • Plerk
  • PearlTrees
  • InstaPaper
  • Folkd

6.Web Directory Submission :- इसमें आप अपनी वेबसाइट के यूआरएल को Web Directory Wesbites में सबमिट करते हैं।

इनसे आपको High Quality Permanent Backlinks मिल जाती हैं जो आपकी वेबसाइट की रैंकिंग को Boost करने में मदद कर सकते हैं।

जरुरी है कि आप एक अच्छी Efficient और अपनी वेबसाइट से Related केटेगरी की वेब डायरेक्टरी वेबसाइट को चुनें।

Long Run में ये काफ़ी फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

टॉप डायरेक्टरी सबमिशन वेबसाइट की लिस्ट ये है –

  • DMoz
  • BOTW
  • EntireWeb
  • Somuch
  • VieSearch
  • Blogarama
  • Spoke
  • Local
  • B2B Yellow Pages
  • eLocal

7.QNA – Question And Answer Forums :-

High Authority और Relevant QNA Forums Join करें और अपने Niche से Related Questions को खोजें।

उनका Answer ऐसे तरीके में दे कि User का Doubt ख़तम हो जाए यानि Valuable Answer सबमिट करें।

और अगर आपने उससे Related कोई गाइड लिखी है तो आप Reference के लिए उसकी लिंक दे सकते हैं।

बस ध्यान रखें कि लिंक स्पैम ना करें। वरना ये Sites आपको Ban भी कर सकती हैं।

कुछ Top Question And Answer Forums ये हैं –

  • Quora
  • Yahoo Answer
  • eHow
  • Stackexchange
  • Fluther

8.Document Sharing Websites (PDFs, PPTs Etc.) :- अगर आप अपनी वेबसाइट से Related Attractive Documents बना सकते हैं।

तो आप इस तरीके का इस्तेमाल अपनी वेबसाइट के लिए Backlink Create करने और ट्रैफिक जेनरेट करने के लिए कर सकते हैं।

आपके डॉक्यूमेंट Unique होने चाहिए। ये PDF या PPT Format में हो सकते हैं। फिर आप इन्हें डॉक्यूमेंट शेयरिंग वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं।

ऐसी बहुत सी Document Sharing वेबसाइट हैं जिनमें से कुछ ये हैं –

  • Slideshare
  • Animoto
  • Issuu
  • BrainShark
  • Scribd
  • Box.com
  • Calameo
  • Clearside
  • SlideServe
  • Lulu

9. Infographics Submission Websites :- आज Infographics का प्रचलन काफ़ी बढ़ गया है। तो अगर आप अच्छे और Unique Infographics Creator हैं।

तो आप इन्हीं इन्फोग्राफिक के जरिये एक अच्छा वेबसाइट ट्रैफिक हासिल कर सकते हैं।

आपको बस अपने Unique और Attractive Infographics को इन्फोग्राफिक सबमिशन वेबसाइट पर सबमिट करना है।

साथ में आप As A Attribution & Credit अपनी वेबसाइट की Reference लिंक भी Submit कर सकते हैं।

Top Infographics Visual Content Sharing Sites की लिस्ट ये रही –

  • Reddit Infographics
  • Visual.ly
  • Submit Infographics
  • NerdGraph
  • Infographics Archive

10.Photo Sharing/Image Submission Websites :- ऐसी कई वेबसाइट हैं जहां आप अपनी पोस्ट की Images को With Link Add कर सकते हैं।

ऐसा करने से Backlinks के साथ-साथ आपके Social Signals भी Improve होंगें और ट्रैफिक भी अच्छा Gain होगा।

कुछ High Authority Image Sharing Sites की List ये रही –

  • Pinterest
  • Instagram
  • Flickr
  • Imgur
  • Devianart
  • Dribble
  • Uploaded.net
  • 4Shared
  • Snapchat
  • MySpace

11.Video Sharing/Submission Websites :- अगर आप ब्लॉग टॉपिक Related Videos भी Create करते हैं तो आप इन Sites का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इनसे आपको एक अच्छा ट्रैफिक मिल सकता है। इन पर आप फ्री में अकाउंट क्रिएट करते हैं Videos अपलोड करते हैं।

Youtube सहित कुछ High Authority वाली Websites ये हैं –

  • Youtube
  • Dailymotion
  • Vimeo
off-page-seo-techniques-in-hindi
@Seobasics

Bonus & Main Of SEO (On Page & Off Page SEO) :- सबसे Main होता है Content. अगर आपका कंटेंट दमदार नहीं है।

तो ये On Page और Off Page SEO का कोई फायदा नहीं। जैसा कि कहा भी जाता है – “Content Is King“.

तो आप Valuable Content लिखें जिससे User को वैल्यू मिलेगी। और यूजर आपके कंटेंट को अपने आप सोशल मीडिया पर शेयर करेंगें।

इससे आपके Social Signals Strong होंगें। अच्छे Quality Content को Backlinks भी Automatically मिल जाती हैं।

So, Focus On Content.

7.Technical SEO

Technical SEO क्या है: टेक्निकल एसइओ में आपकी वेबसाइट और Server के Optimization को शामिल किया जाता है।

जिससे Web Crawlers Crawling और Indexing प्रभावी रूप और आसानी से कर पायें।

Technical SEO में वेबसाइट के Technical पहलूओं पर ध्यान देकर उन्हें Improve किया जाता है।

इसमें ये Sure किया जाता है कि आपकी Website मॉडर्न सर्च इंजन की Technical Requirements को पूरा करे।

मतलब ON Page और Off Page SEO के अलावा बचे सभी Factors को Technical SEO में Define किया जाता है।

Technical SEO कैसे करें: टेक्निकल एसइओ अंदर हम निम्न Techniques इस्तेमाल करते हैं –

  • SSL (HTTPS) का इस्तेमाल करें
  • Site की Loading Speed Slow न हो
  • XML Sitemap Create करें और Webmasters में सबमिट करें
  • Mixed Content Issue को Solve करें
  • 404 Pages और Broken Links या Pages को Fix करें
  • Duplicate Content हटायें
  • Toxic And Spammy Backlinks को Remove करें
  • Canonical, Hreflang Tags का Use करें
  • Breadcrumbs का इस्तेमाल करें
  • Structured Data Markup Implement करें
  • Robots.txt को ऑप्टिमाइज़ करें
  • Accelerated Mobile Pages (AMP) भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
on-page-vs-off-page-vs-technical-seo-techniques
@Semrush

8.Local SEO

Local SEO क्या है: लोकल एसइओ Strategy आपके Business को Local Search Results पर रैंक करने में मदद करती है।

इसमें आपकी वेबसाइट को खासतौर पर Local Area के लिए Optimize किया जाता है।

अगर आपका कोई Physical या Geographical Local Business है – जैसे कोई Shop, Agency, Hotel आदि।

तो आप अपने Local Area के लोगों द्वारा सर्च की जाने वाली Certain Search Queries पर रैंक करने के लिए Local SEO का सहारा लेते हैं।

इससे आपके Business की Reach ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी हो जाएगी जिससे आपको काफ़ी Benefit होता है।

Local SEO कैसे करें : Local SEO को Strong करने के लिए आप ये Techniques जरुर Use करें –

  • Google My Business और Social Media Account Create करें
  • वेबसाइट को Mobile के लिए ऑप्टिमाइज़ करें
  • Local Keywords को Target करें
  • Online Business Directories का इस्तेमाल करें
  • वेबसाइट पर लोकेशन मैप Add करें
  • अपनी Services के लिए अलग से एक Page बनाएं
  • About Us या Contact US Pages में Location Use करें
  • Reviews को बढ़ावा दें
  • वेबसाइट को Voice Search के लिए Optimize करें
  • Regular Basis पर Site की Health और SEO Audit करें
  • Online Presence बढ़ाएं
  • Advertisement का इस्तेमाल करें
local-seo-ranking-factors
@Moz

Conclusion

SEO Kya Hai आज की इस पोस्ट में आपने SEO की Complete जानकारी ली। Congrats! आपने कर दिखाया.

आपके हिसाब से OFF Page SEO में Backlinks का Factor होना चाहिए या नहीं ? अगर हाँ/ना तो क्यों ? Comment में जरुर बताएं।

हमें भी Social Signal की रसधारा का पान कराएं और लेख को Social Media पर Share जरुर करें (अगर आपको इसमें Valuable जानकारी मिली तो 🙂

See You In Next SEO Guide …..

Leave a Comment

X